फाउंडेशन कार्यक्रम के अंतर्गत मदर्स डे पर Mother India Award Ceremony आयोजित
उदयपुर, 15 मई। सामाजिक संस्थान भारतीय जैन संघटना और BJS लेडीज विंग की ओर से शुक्रवार को अशोक नगर स्थित विज्ञान समिति सभागार में फाउंडेशन कार्यक्रम के अंतर्गत मदर्स डे के अवसर पर अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया जिसमें नगर निगम की पूर्व महापौर रजनी डांगी एवं सकल जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत, दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत, ओसवाल बड़े साजन सभा के अध्यक्ष कुलदीप नाहर के मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
इस अवसर पर सकल जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार फत्तावत ने कहां कि जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव को वंदन नमन करते हुए अक्षय तृतीया के पावन अवसर और मदर्स डे के शुभ अवसर पर BJS उदयपुर परिवार की वर्षीतप करने वाले 42 महिला तपस्वी श्श्राविकाओं को मेवाड़ी परम्परा के अनुसार सम्मानित किया गया।
चैप्टर अध्यक्ष दीपक सिंघवी और लेडीज विंग अध्यक्ष मीना कावड़िया और महामंत्री नीतू गजावत ने कहा कि तप की तपिश में जिन्होंने जीवन को निखारा है, वर्षीतप साधना से आत्मा को संवारा है। अक्षय तृतीया पर नमन है उन महात्माओं को, जिन्होंने संयम से जीवन का सच्चा अर्थ उतारा है। अक्षय तृतीया जैसे पावन पर्व पर उन महान तपस्वियों का सम्मान करने के लिए एकत्रित हुए हैं, जिन्होंने वर्षीतप जैसी कठिन साधना को पूर्ण कर आत्मबल, संयम और श्रद्धा का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया है। वर्षीतप केवल एक व्रत नहीं, बल्कि यह आत्मसंयम, धैर्य और अटूट विश्वास की पराकाष्ठा है। एक वर्ष तक नियम, अनुशासन और तप के साथ जीवन जीना, वास्तव में साधारण नहीं, बल्कि असाधारण संकल्प का प्रतीक है।
मुख्य अतिथि रजनी डांगी ने अपने उद्बोधन में कहां कि समाज जन तपस्या के कीर्तिमान के साथ साथ अपने आचरण और जीवन शैली के माध्यम से भी औरों को प्रेरित करे। तपस्या कर्म निर्जरा का अनूठा उपक्रम है। विश्व में जैन धर्म ही जिओ और जीने दो की भावना सिखाता है। इस अवसर पर दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष शांतिलाल वेलावत ने बताया कि तपस्या की साधना कठिन है। पूरे वर्ष तक लगातार तपस्या करना और कठिन है। तप से तन के साथ मन को निखारा जा सकता है।
कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र गजावत और महामंत्री जितेंद्र सिसोदिया ने बताया कि BJS हेड ऑफिस से मदर्स डे के अवसर पर प्राप्त फाउंडेशन कार्यक्रम के अंतर्गत यह कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें BJS उदयपुर परिवार की वे महिलाएं जिन्होंने वर्षीतप की तपस्या कर रखी है उनका सम्मान किया गया।जिसमें कुल 42 तपस्वियों को Mother India अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
इस अवसर सुमन डामर, मंजू मेहता, पुष्पा सुराणा, हेमलता आंचलिया, लक्ष्मी कोठारी एवं अंशु जैन ने सुन्दर नाट्य प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इन 42 को हुआ सम्मान
आयोजन में महा वर्षीतप करने वाले दौलत बाई बोलिया, आशा बाबेल, शकुंतला सिसोदिया, संपत कुवंर नाहर, सुशीला नाहर, नीलम सुराणा, नाथी देवी तलेसरा, प्रेम देवी गोखरू, पूर्णिमा भूतालिया, विजयलक्ष्मी मुर्डिया, मंजुलता मोगरा, प्रमिला सोलंकी, बसंत कंठालिया, सुमित्रा छाजेड़, लाडजी बाई वाया, पवन देवी गन्ना, लक्ष्मी बैद, मदन देवी लोढ़ा, सुशीला लोढ़ा, पिस्ता देवी सिसोदिया, भूरी देवी सिंघवी, पुष्पा सुराणा, कंचन हरकावत, शकुंतला कोठारी, उषा कोठारी, चंद्रकला खाब्या, सुशीला मेहता, सुनीता बाबेल, पुष्पा कोठारी, निर्मला देवी मेहता, अंगूर बाला कटारिया, पुष्पा पोरवाल, निर्मला समिचा वाला, अनामिका सेठिया, ज्योति गौरवाड़ा, शुशीला भाणावत, वीणा चपलोत, कुसुम चपलोत, निर्मला कच्छारा, अनिता बोकडिय़ा, पुष्पा लोढ़ा, गिरिजा मेहता, कलावती अम्बावत, मीनू नाहर का मेवाड़ी परम्परानुसार मुकुट, मोदक, शाल और स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया गया।
कार्यकम का शुभारंभ अमिता डांगी, कल्पना भाणावत, सरोज चित्तौड़ा, ममता जैन व भारती जैन आदि के सामूहिक मंगलाचरण से हुआ। शब्दों द्वारा स्वागत भारतीय जैन संघटना उदयपुर के अध्यक्ष दीपक सिंघवी द्वारा किया गया तथा आभार महामंत्री नीतू गजावत द्वारा ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का सफल बनाने में सुमन डामर, मंजू मेहता, पुष्पा सुराणा, हेमलता आंचलिया, अंशु जैन का विशेष सहयोग रहा।