Follow us

पिता आजीविका के साथ स्वयं को बनाए रखना सीखते है- फत्तावत

sdasd

पिता आजीविका के साथ स्वयं को बनाए रखना सीखते है- फत्तावत

भारतीय जैन संघटना उदयपुर एवं BJS लेडीज़ विंग द्वारा फाउंडेशन कार्यक्रम के अंतर्गत पितृ पर्व “You Don’t know My Dad” कार्यक्रम का आयोजन शुभ केसर गार्डन में किया, जिसमें पुत्र-पुत्रियों के द्वारा पिता का सम्मान किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ नवकार मंत्र से हुआ। और फिर हाल ही हुई अहमदाबाद विमान दुर्घटना और केदारनाथ में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मारे गए सभी जनों के केलिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।


मुख्य अतिथि उदयपुर सकल जैन समाज उदयपुर के अध्यक्ष श्री राजकुमार जी फत्तावत ने मानव जीवन में पिता के महत्व को बताते हुए कहा कि पिता घर की छत के समान है जो धूप, बारिश और सभी आने वाली आपदाओं को स्वयं झेल लेता है, परंतु अपने बच्चों को कोई आंच नहीं आने देता है। अक्सर पुरुषों को बच्चों के लिए प्रेम प्रदर्शित करना नहीं आता है इसलिए अक्सर पिता बच्चों को कठोर प्रतीत होते है, परन्तु यह कठोरता नहीं अपितु बच्चों को सुदृढ़ बनाने की साधना होती है। माता वह जो जन्म देती है और जीना सीखती है, और पिता वह है जो हमें आजीविका के साथ खुद को बनाए रखना सीखते है। पिता का महत्व अकसर पिता के नहीं रहने पर पता चलता है।


बी जे एस उदयपुर चेप्टर अध्यक्ष दीपक सिंघवी ने बताया कि पूरे देश में भारतीय जैन संघटना की लगभग 850 शाखाएं है, और सभी जगह यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। BJS प्रतिमाह परिवार और समाज को समर्पित इस तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इसी कड़ी में जून माह में पिताओं को सम्मान देने के लिए पितृ दिवसका कार्यक्रम किया जा रहा है।


लेडीज़ विग अध्यक्ष मीना कावड़िया ने पिता में महत्त्व पर प्रकाश डाला और बताया कि घर और समाज के बीच संतुलन बनाने में अक्सर पिता को कठोर बनना पड़ता है। सुदृढ़ परिवार बने इसके लिए इस प्रकार के अधिक से अधिक कार्यक्रम आयोजन पर जोर दिया।


इस अवसर पर 25 पिताओं का उनके बच्चों ने मेवाड़ी पगड़ी, उपरना और उपहार देकर सम्मान किया। जब सभी बच्चों ने अपने पिता को गले लगाया तो उपस्थित सभी महिला और पुरुष भावुक हो गए।


इस अवसर पर BJS कार्यकारी अध्यक्ष भूपेंद्र गजावत, महामंत्री जितेंद्र सिसोदिया, कोषाध्यक्ष वीरेन्द्र महात्मा, महिला विंग अध्यक्ष मीना कावड़िया, महामंत्री नीतू गजावत, नितिन लोढ़ा, श्याम नागौरी, महेंद्र तलेसरा, यशवंत कोठारी, चंद्रप्रकाश चोरड़िया, नीता छाजेड़, रचिता मोगरा, विजय कोठारी,अशोक कोठारी, नीरज सिंघवी, महावीर पामेचा, जय पोरवाल, दीपक सिरोया, कुलदीप मोगरा, हेमेंद्र मेहता, मयंक मेहता, संदीप कावड़िया, मनीष बापना, राजेश भादविया, राकेश बाकलीवाल, हेमंत बया, राकेश चपलोत, सुमित कटारिया, विमल जैन, नवनीत कछारा, निलेश भंडारी, सिद्धार्थ मोगरा, प्रियंका जैन, विनी मेहता, तृप्ति कच्छारा, लता जैन, शशि सिरोया, बीना मारु,सोनिया कंठालिया,
आदि उपस्थित रहे।