भारतीय जैन संघटना उदयपुर द्वारा विश्व जल दिवस पर आयोजन
उदयपुर, 29 मार्च। सामाजिक संस्था भारतीय जैन संघटना उदयपुर द्वारा विश्व जल दिवस के अवसर पर फाउंडेशन कार्यक्रम के तहत अंजुली के अंतर्गत जल बिना कल विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
BJS के मुख्य संरक्षक राजकुमार फत्तावत के निर्देशन में आयोजित इस निबंध प्रतियोगिता में जल बिना कल विषय पर 300 शब्दों में निबंध लिखकर व्हाट्सएप पर भिजवाना था। जिसकी अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 रखी गई।
आयु सीमा 12 से 22 वर्ष रखी गई।
अंतिम तिथि तक कुल 19 प्रतिभागियों के निबंध प्राप्त हुए।
निर्णायकों द्वारा निबंध चेक करने के बाद हिमांगी जैन, साक्षी हिरन और मीत चपलोत को प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर विजेता घोषित किया गया जिन्हें क्रमशः 1500, 1100 और 700 रुपए का नकद पुरस्कार ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर किया गए।
फत्तावत ने इस प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि
जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है क्योंकि भविष्य में जल का संकट और गहरा होने वाला है। उसके लिए लोगों की आदतों को अभी से बदलने की आवश्यकता है साथ ही घरों और व्यावसायिक परिसरों में भी बरसात के पानी को सहेजने के लिए रैन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए लोगों को जानकारी देने और इसके क्रियान्वयन के लिए मंच उपलब्ध करवाने की जरूरत है।
जल है तो कल है। हमे अपने उज्ज्वल कल के लिए जल को बचाने और उसके संरक्षण के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने चाहिए। पानी को केवल एक दो दिन नहीं वरन साल के 365 दिन मितव्ययता से उपयोग लेने की आदत बनानी होगी।
चैप्टर अध्यक्ष दीपक सिंघवी ने बताया कि बीजेएस द्वारा पूरे देश में 100 जिलों को सुखा मुक्त करने का संकल्प लिया गया है, जिसका काम अभी चल रहा है। जिसके तहत तालाबों से मिट्टी निकाल कर उसकी भराव क्षमता बढ़ाई जा रही है और निकाली गई मिट्टी को किसानों को निशुल्क उपलब्ध करवाया जाता है जिससे खेतों की उपजाऊ क्षमता बढ़ती है।